लास्ट स्टेज कैंसर के मरीजों का बीमा कराकर फर्जी क्लेम


लास्ट स्टेज कैंसर के मरीजों का बीमा कराकर उनकी मौत को हादसे में बताकर क्लेम लेने के मामले में भारती एक्सा के अलावा 13 और बीमा कंपनियाें के अधिकारी बुधवार को सोनीपत एसटीएफ थाने पहुंचीं। कहा गया कि उनके साथ भी पवन भौरिया गिरोह ने धोखाधड़ी की है। ऐसे करीब 70 बड़े केसों की जानकारी दी। इन कंपनियों में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस, बिरला सन लाइफ, बजाज फाइनेंस, एएक्सए, काेटक आदि शामिल हैं। फर्जी क्लेम लेने के मामले सबसे ज्यादा सोनीपत के हैं। इसके बाद हिसार, रोहतक व झज्जर का नंबर आता है। ये जिले गिरोह ने हादसा दिखाने के सेंटर बना रखे थे। 

इस मामले में एसटीएफ ने अब तक छह गिरफ्तारी की हैं। इनमें गिरोह सरगना सोनीपत के सेवली निवासी पवन भौरिया, रिढ़ाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास खर्ब, पीजीआई का रिकाॅर्ड कर्मचारी प्रमोद, कंप्यूटर आॅपरेटर रोहट निवासी प्रदीप व करनाल के बल्ला निवासी सुमीत शामिल हैं। इस फर्जीवाड़े में पुलिस से लेकर डॉक्टर तक मिले हुए थे। कंप्यूटर आॅपरेटर ने जिस डॉक्टर का नाम लिया है, उसके फोन की कॉल डिटेल अब मैच की जा रही हैं। 

मामले में सरगना सहित अब तक छह गिरफ्तारी कबूलनामा; पिता की मौत कैंसर से हुई, खून शव पर लगाया ताकि हादसा दिखे, पोस्टमार्टम से लेकर पुलिस रिपोर्ट सब सेट एसटीएफ ने गिरोह सरगना पवन पर लगे आरोपों को लेकर करनाल के गांव बल्ला निवासी सुमित से पूछताछ की। सुमित ने बताया कि उसके पिता की कैंसर से गांव में ही मौत हो गई थी। उसने फोन कर गिरोह सरगना पवन को सूचना दी। उसने शव को सोनीपत लेकर आने को कहा। जब शव को लेकर सोनीपत पहुंचा तो गिरोह सदस्य रास्ते में मिल गए। उन्होंने शव को अपनी गाड़ी में ले लिया। मौत को हादसे में दिखाने के लिए सीरिंज से खून निकालकर पिता के शव पर डाल दिया। सोनीपत में गन्नौर के पास बड़ी चौक पर चलती गाड़ी से हादसे का मौका देखा। शव को उतारा भी नहीं और आरोपी अस्पताल के शव गृह में पहुंच गए। अस्पताल से पुलिस कंट्रोल में मैसेज दिलवाया। पुलिस अस्पताल पहुंची। यहां पुलिस को घटनास्थल बताकर हादसे की कार्रवाई करा दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर डाॅक्टर ने सिर व गले पर चोट के निशान दिखा दिए, जबकि शव करनाल से सोनीपत अस्पताल तक गाड़ी में ही रहा। 

गिरोह में सरगना का साला व भांजे भी शामिल डीएसपी राहुल देव ने बताया कि पवन ने गिरोह में दोस्तों के अलावा अपने भांजे व साले को भी शामिल किया हुआ था। इनकी तलाश की जा रही है। भांजे सोनीपत के गांव तिहाड़ के हैं तो साला झज्जर के निलोठी का है। 

जिस डाॅक्टर का नाम आया, वह बुधवार को छुट्‌टी पर रहे फर्जी पोस्टमार्टम करने वाले जिस डाॅक्टर का नाम कंप्यूटर आॅपरेटर ने बताया है, वह बुधवार को अस्पताल नहीं आया। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वह आज छुट्टी पर हैं। एसटीएफ अब इस डाॅक्टर के फोन कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, ताकि सबूत के आधार पर गिरफ्तारी की जा सके। 

डीआईजी ने गुड़गांव में ली बैठक, एक्शन प्लान बनाया डीआईजी सतीश बालन ने बुधवार को गुड़गांव में एसआईटी की बैठक ली। इस केस के लिए नया एक्शन प्लान बनाया गया है, क्योंकि नए 70 केस एसटीएफ के पास पहुंचें हैं। करीब आधा दर्जन एफआईआर और दर्ज होंगी। 
Powered by Blogger.